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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤¸à¤¾ समय होता है जबकि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला शारीरिक और मानसिक कई तरह के बदलावों से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है.
इस दौरान शरीर के कà¥à¤› अंगों में अकà¥à¤¸à¤° ही दरà¥à¤¦ बना रहता है:
1. पीठमें दरà¥à¤¦ होना - इस दौरान पीठमें दरà¥à¤¦ होना बहà¥à¤¤ आम है. à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गरà¥à¤ पल रहा होता है जिससे आगे का à¤à¤¾à¤— काफी à¤à¤¾à¤°à¥€ हो जाता है. पेट à¤à¤¾à¤°à¥€ हो जाने की वजह से पीठमें à¤à¥à¤•ाव आना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है. इस वजह से पीठमें लगà¤à¤— हर रोज दरà¥à¤¦ रहने लगता है.
2. पांव में दरà¥à¤¦ होना
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिला के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ का वजन काफी बढ़ जाता है. जिससे उसके पैरों पर बहà¥à¤¤ अधिक à¤à¤¾à¤° पड़ने लगता है. इस वजन को हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सह नहीं पाती हैं और इसकी वजह से हमेशा ही पैरों में दरà¥à¤¦ बना रहता है.
3. सिर दरà¥à¤¦ -
4. बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦
5. पेट दरà¥à¤¦
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